"हमें मालूम है दो दिल जुदाई सह नहीं सकते,
मगर रस्मे-वफा ये है कि, ये भी कह नहीं सकते,
जरा कुछ देर तुम उन साहिलों की चीख सुन भर लो,
जो लहरों में तो डूबे हैं, मगर संग बह नहीं सकते...!!!"
मगर रस्मे-वफा ये है कि, ये भी कह नहीं सकते,
जरा कुछ देर तुम उन साहिलों की चीख सुन भर लो,
जो लहरों में तो डूबे हैं, मगर संग बह नहीं सकते...!!!"
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