मेरे दिल के आईने के टुकड़े हज़ार होंगे,
उन टुकड़ियों में फिर भी दीदार ए यार होंगे,
उनको सजा न देना दिल तोड़ जो गए हैं,
उनको भी एक दिन तो पछतावे यार होंगे ।
उन टुकड़ियों में फिर भी दीदार ए यार होंगे,
उनको सजा न देना दिल तोड़ जो गए हैं,
उनको भी एक दिन तो पछतावे यार होंगे ।
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